स्पष्टता न्यूज
तेल अवीव। फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले के मामले में जांच से एक बेहद गंभीर बात सामने आई है। आरोपी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह विमान को जानबूझकर क्रैश करना चाहता था।
उसने यह भी कहा कि उसे मौत से डर नहीं लगता। विमान में 170 से ज्यादा यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। घटना के बाद अब जांच का फोकस केवल हमले पर नहीं, बल्कि इस सवाल पर भी है कि पहले से सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद हमामी दोबारा कॉकपिट तक कैसे पहुंचा।
जांच से जुड़े लोगों के हवाले से सामने आया है कि सऊदी अरब में विमान के उतरने के बाद पूछताछ के दौरान हमामी ने विमान को जानबूझकर गिराने की इच्छा जताई। उसने कहा कि वह मौत से नहीं डरता। यह जानकारी सामने आने के बाद घटना को लेकर खतरा और गंभीर हो गया है।
