सुमति नाथ जिन चैतालय तेघडि़या में 10 लक्षण पूजा अर्चना

स्पष्टता न्यूज

कोलकाता। 29 जून 2023 को श्री सुमति नाथ जिन चैतालय तेघडि़या वीआईपी रोड में शिलान्यास हुआ।105 श्री विशा श्री माताजी का चातुर्मास हुआ एवं उनके सानिध्य में 48 दिन का विधान किया गया। यहां भगवान 1008 सुमतिनाथ भगवान आदिनाथ, भगवान शांतिनाथ विराजमान है यहां पर एयरपोर्ट पर नजदीक होने के कारण श्रावक लोगों का दिन भर आना जाना लगा रहता है। यहां 10 लक्षण की पूजा अर्चना धूमधाम से हो रही है। आज 105 श्री विशा श्री माताजी की शिष्या रंगोली दीदी एवं सोनम दीदी के सानिध्य में 10 लक्षण जी की पूजा हुई।1008 श्री पुष्प दंत भगवान का मोक्ष निर्वाण लड्डू बड़े धूमधाम से चढ़ाया गया।


उल्लेखनीय है कि 10 लक्षण जी के दौरान लोग 10 दिन का उपवास करते हैं व कई लोग 3 दिन का करते हैं। उपवास की महिमा बहुत बड़ी मानी जाती है एवं 10 दिन रोज संध्या 7:00 बजे महा आरती की जाती है। आरती के दौरान अच्छी खासी भीड़ होती है। एकम के दिन क्षमा वाणी का पर्व मनाया जाता है। सब एक दूसरे से क्षमा मांगते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महावीर जैन, राजीव जैन, मनीष जैन, प्रणीत जैन, संजीव जैन, सचिन जैन, धनपाल जैन, किशोर जैन, पंकज जैन, रंजीत जैन, कमल जैन, राहुल जैन, प्रदीप शाह, (गिरिडीह) प्रीति शाह गिरिडीह,श्रुति जैन, सारिका जैन, सरिता जैन भी शामिल हुईं। अभय जैन, अनिल जैन एवं अनीता जैन, निशा जैन, संगीता जैन, रश्मि जैन, मीना जैन, कांता जैन का भी योगदान रहा। अशोक छाबड़ा एवं मनीष जैन,अमन जैन प्रोग्राम को सफल बनाने में अग्रणी रोल में रहे।


एम पी जैन ने स्पष्टता न्यूज से कहा कि 2023 में जब विशाश्री माताजी आयी थीं तो उनका चातुर्मास हुआ था और 48 दिन का विधान हुआ था। उसके बाद से ये सुमतिनाथ जिन चैत्यालय में मूलनायक भगवान सुमतिनाथ हैं, आदिनाथ भगवान विराजमान हैं, शांतिनाथ भगवान हैं। ये एयरपोर्ट के एकदम बगल में होने से दिनों-दिन यहाँ पर श्रावकों का आना-जाना लगा रहता है और मंदिर में भीड़ रहता है। ये जगह का चमत्कार है। उन्होंने कहा कि धर्म की प्रभावना दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। हम लोगों को सब बच्चों को यही संस्कार भी देना चाहिए, जिससे जैन समाज पूरे भारत में एकजुट हो।


अनीता सेठी ने कहा कि बहुत ही अच्छे से यह पर्व मनाया जा रहा है। दोनों दीदियां आई हैं, बहुत ही अच्छे ढंग से और बहुत संगीतमय ढंग से यहां पर पूजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि दशलक्षण पर्व में सब संयम से रहते हैं, सब नियम का पालन करते हैं। रात्रि में भोजन नहीं करते हैं।
राजीव जैन ने कहा कि जैन धर्म के दशलक्षण पर्व साल में तीन बार आते हैं—माघ महीना में, चैत महीना में और भादों महीना में। भादों महीने में चातुर्मास की स्थापना होती है, दशलक्षण पर्व बहुत बड़ा पुण्य कमाने का अवसर माना जाता है। यहां पर दो दीदियों का भी आगमन हुआ है—सोनम दीदी का और रंगोली दीदी।


मनीष जैन सेठी ने कहा कि इस पर्व में हम लोग धर्म ध्यान रखते हैं, भगवान की पूजा करते हैं। आज हमारे पुष्पदंत भगवान का निर्वाण महोत्सव है, तो दोनों दीदियों के सानिध्य में बहुत अच्छे से पूजा हुई। इसमें हमारे त्याग भावना की भावना रहती है।
प्रणीत जैन ने कहा कि दशलक्षण पर्व हमारे तेघरिया मंदिर में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। सब नए-नए लोग जुड़ रहे हैं। हमारे यहाँ रोज़ मेंबर और बढ़ रहे हैं।


गिरिडीह से आयीं प्रीति शाह ने कहा कि आज पुष्पदंत भगवान का मोक्ष कल्याणक का दिन है। सब लोग, इतने लोग धूमधाम से कल्याणक मना रहे हैं। सुबह से धर्म-ध्यान में लोग लगे हुए हैं।”

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