स्पष्टता न्यूज
कोलकाता। एसआईआर विवाद के बीच 30 सितंबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेता जुटेंगे। हुगली के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया भाजपा को विधानसभा चुनाव में फायदा पहुंचाने के लिए की गई और वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए. ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का इस्तेमाल भाजपा के हित में किया गया. उन्होंने कहा कि अब इससे जुड़ी सच्चाई सामने आ रही है. हालांकि, ये ममता बनर्जी के राजनीतिक आरोप हैं और चुनाव आयोग ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया तथा इससे जुड़े दावों पर अपना पक्ष अदालत में रखा है. ममता बनर्जी ने कहा “मैंने राहुल गांधी को संदेश भेजा और उनसे कहा कि हमें साथ बैठना चाहिए.” उनके मुताबिक, इंडिया ब्लॉक की यह बैठक दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में 30 सितंबर को हो सकती है.
ममता के बयान के बाद विपक्षी दलों के बीच बैठक को लेकर समन्वय की कोशिशें तेज होने की बात सामने आई है. रिपोर्टों के अनुसार, ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से फोन पर भी बातचीत की थी. उन्होंने जल्द बैठक बुलाने का आग्रह किया.
माकपा, भाकपा और भाकपा माले लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है. कांग्रेस ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना हमला तेज किया है. कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक 29 सितंबर को होने वाली है. इसमें इस मुद्दे पर पार्टी की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए नए प्रस्ताव पर भी काम कर रहे हैं. कानूनी विशेषज्ञों से जांच के बाद इसे संसद के दोनों सदनों में पेश किए जाने की संभावना है. विपक्ष की ओर से ऐसा यह तीसरा प्रयास होगा. विपक्षी दलों की ताजा लामबंदी इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद तेज हुई है.
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कई मौकों पर आपत्तियां उठाई थीं.
