कोलकाता के 180 बी, शरत बोस रोड स्थित चिन्मय मिशन के हॉल में डॉ.राधेश्याम श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में आयुर्वेद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओम के उच्चारण के साथ हुई। इस कार्यशाला का आयोजन रश्मि अग्रवाल के प्रयास से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

रश्मि अग्रवाल पिछले लगभग 30 वर्षों से वैद्य राधेश्याम श्रीवास्तव के साथ जुड़कर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से समय-समय पर इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद के महत्व को समझ सकें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक हों।

डॉ. राधेश्याम श्रीवास्तव ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देती है। सही खानपान, नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच से स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करना है। रश्मि अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग 30 वर्षों से डॉ. राधेश्याम श्रीवास्तव के साथ जुड़कर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार का कार्य कर रही हूं। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग आयुर्वेद की उपयोगिता को समझें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। रश्मि खेतान ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद हमें प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देता है। अशोक गोयनका के आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के आयोजन काफी उपयोगी हैं। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए लोगों को सही खानपान और अच्छी जीवनशैली के महत्व को समझना चाहिए। कार्यक्रम में श्रुति बुबना, शीला दास, सुजाता ठकर ,प्रियंका तिवारी,रश्मि कोहली,अशोक गोयनका,सुधा झुनझुनवाला,
नवीना हरलालका, किरण अगरवाला , रश्मि खेतान,सबिता अग्रवाल,मीना पुगलिया, रीता पाटोदिया,राकेश कुमार जैन
एकता जैन उपस्थित थे।
