अबोहर। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हालिया हमले के बाद जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के परिवार की तरफ से एक बड़ा बयान सामने आया है। लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने सोमवार को कहा कि सुपरस्टार सलमान खान को बिश्नोई समाज से माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा इसके खतरनाक परिणाम भुगतने होंगे।
1998 में शुरू हुई दुश्मनी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की सलमान खान से दुश्मनी साल 1998 में राजस्थान में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान हुए काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी है। इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2018 में सलमान को दोषी ठहराया था, जिसके खिलाफ अभिनेता ने उच्च अदालतों में अपील की है और वह खुद को बेकसूर बताते आ रहे हैं। टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए रमेश बिश्नोई ने कहा कि जैसा कि आपने ऑडियो में सुना, मैंने भी वही सुना कि हमने उसे रोक दिया है और एक बार फिर चेतावनी देना चाहते हैं कि जो कोई भी सलमान खान के साथ काम करेगा, उसे परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बात दोहरा रहे हैं, ये मेरे शब्द नहीं हैं, मैं केवल इस मामले पर उनकी भावनाओं का हवाला दे रहा हूं। रमेश ने आगे कहा कि मैं सलमान खान के परिवार से कहना चाहूंगा कि वे अपनी जिद छोड़ दें। यह पूरे समाज से जुड़ा मुद्दा है और समाज के भीतर भारी गुस्सा है। उन्होंने दावा किया कि लॉरेंस अकेले कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं रख रहा है, बल्कि वह पूरे समाज के गुस्से को जाहिर कर रहा है। रमेश के मुताबिक, लॉरेंस ने सलमान खान के सामने एक सीधा समाधान रखा था कि वे आगे आकर माफी मांग लें, लेकिन अभिनेता माफी नहीं मांगना चाहते।
हूती के हमले में यमन के 53 सैनिकों की मौत
सना। हूती विद्रोहियों ने यमन के दक्षिणी प्रांत शबवा में सेना के एक मिलिट्री कैंप पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। सोमवार को हुए इस हमले में 53 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। यमन के सैन्य अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को यह जानकारी दी। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नजिली ने बताया कि हूती विद्रोहियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के ट्रेनिंग सेंटर पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इससे पहले पिछले हफ्ते हूती विद्रोहियों ने अदन शहर में राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं।
हमले के वक्त प्रधानमंत्री शाया मोहसेन अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री परिसर में मौजूद थे, हालांकि सभी सुरक्षित बच गए। हमले में 4 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 2 सुरक्षाकर्मी शामिल थे। हूती विद्रोहियों के हमले के बाद यमन के राष्ट्रपति भवन से धुएं का गुबार उठता नजर आया।
