स्पष्टता न्यूज
कोलकाता। जैन धर्मावलंबियों का दसलक्षण पर्व आज चालू हो गया है। इस पर्व में जैन समाज हर दिन मंदिर में पूजा-पाठ करते हैं और यह आत्मशुद्धि का पर्व है। आशिका कंपनी समूह के दौलत जैन ने बताया कि हम लोग सब मिल कर आज से 10 दिन तक पूजा-पाठ, निर्दिष्ट भोजन करते हैं और बाहर का खाना नहीं खाते व बहुत संयमित जीवन जीते हैं।
उन्होंने दसलक्षण पर्व की सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी और कहा कि सब लोग अच्छे से इसको मनाएं। इतने बाहर से पंडित, संत व आचार्य आए हुए हैं, प्रवचन होता है। पूरे 10 दिन धार्मिक कार्यों में समय बीतता है। 10 दिन में 10 धर्मों की अलग-अलग पूजा होती है। अंत में क्षमावाणी का दिन आता है। यह बहुत बड़ा आत्मशुद्धि का पर्व है। जिससे जो गलती हुई है, उसके लिए माफी मांगी जाती हैं और दूसरों को भी माफ किया जाता है।

