गो-सेवा में युवाओं की सक्रिय भागेदारी के आह्वान के साथ कलकता पिंजरापोल सोसाइटी की त्रि-दिवसीय गोकथा सम्पन्न

गो-गव्य का सेवन और गीता पाठ स्वस्थ सुख-समृद्ध जीवन का आधार : गोविंददेव गिरि जी

कोलकाता । “भक्ति से ही भारत, भारत है यह देश भक्ति से चलता है और देश को बदलना है तो आपको सनातन धर्म का आश्रय लेना होगा। गोमाता और भगवद्गीता श्रद्धा के अद्भुत केन्द्र हैं और जिनके जीवन का आधार गोमाता और भगवद्गीता है उनका जीवन सदा संपन्न है। “यह उद्गार देश की 141 वर्ष पुरानी गो-सेवा को समर्पित संस्था ‘कलकत्ता पिंजरापोल सोसाइटी’ की ओर से गुरूसदय दत्ता रोड स्थित इस्काॅन बैंक्वेट हाॅल में आयोजित त्रि- दिवसीय विलक्षण गो महिमा कथा के समापन दिवस की कथा सुनाते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास), अयोध्या के महासचिव और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के उपाध्यक्ष तथा प्रखर राष्ट्र संत स्वामी श्री गोविंददेव गिरि जी महाराज ने आज व्यक्त किये।

वेदों, पुराणों, ग्रन्थों में वर्णीत गो महिमा पर सारगर्भित व्याख्यान देते हुए महाराजश्री ने कहा कि अगर सारे पापों से मुक्त होना है, सारे कष्टों से निवृत्त होना है और आरोग्य प्राप्त करना है तो हमें गोमाता की शरण लेनी होगी। पुतना प्रसंग सहित अनेक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए महाराजश्री ने कहा कि जो देवों को पवित्र करती है तो फिर हम मनुष्यों की तो बात ही क्या? कोविड काल का जिक्र करते हुए महाराजश्री ने बताया कि देश में जिन तीन सौ गौशालाओं का सर्वे किया गया वहाँ किसी भी सेवक को कोविड का संक्रमण छू तक नहीं पाया। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि गोमाता की सेवा आपके स्वस्थ सुखमय व समृद्ध जीवन का आधार है , इसमें कोई संशय नहीं है । महाराजश्री ने नित्य गोगव्य का सेवन और गीता पाठ करने का भी आह्वान किया।

आज कथा प्रारंभ से पूर्व सोसाइटी के ट्रस्टी राधेश्याम गोयनका, पद्मश्री सज्जन भजनका, सजन कुमार बंसल, मुख्य यजमान श्याम सुन्दर अनुराग चौधरी, दैनिक यजमान ओम जालान, दिलीप चौधरी, गिरधारीलाल गोयनका, पुरुषोत्तम विनय परसरामपुरिया, अनिल केडिया, पंकज सेकसरिया, सुनील बंसल, बिनोद कुमार केडिया, निर्मल अग्रवाल, बजरंग लाल अनुराग गुप्ता ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन-अर्चन किया जबकि बनवारीलाल सोती, निर्मल सराफ, गोविंदराम अग्रवाल, योगेश जालान, सुशील चौधरी, दिलीप सिंघानिया, सज्जन सिंघानिया, लूणकरण सुरेका, सुभाष मुरारका, राजेंद्र व्यास, रामानंद रस्तोगी, रामस्वरूप अग्रवाल, जुगलकिशोर जाजोदिया, राजेंद्र बच्छावत, विनोद काला, सुदेश अग्रवाल, हेमचंद अग्रवाल, सत्यनारायण राठी, दीपक अग्रवाल, विशम्बर सराफ, पंडित मातादीन शर्मा आदि अनेक गणमान्य लोगों ने माल्यार्पण कर महाराजश्री से आशीर्वाद प्राप्त किया ।

ट्रस्टी पद्मश्री सज्जन भजनका ने सोसाइटी द्वारा 7 हजार गोवंशों की सेवा-सुश्रुषा के कुशल संचालन में नि:स्वार्थ भाव से जुटे सभी पदाधिकारियों व मुक्तहस्त सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की जबकि सोसाइटी के अध्यक्ष रमेश कुमार सरावगी और महामंत्री पवन कुमार टिबड़ेवाला ने सोसाइटी के आयोजन को अपने व्यासत्व से गरिमा प्रदान करने व अमृतवाणी से लोगों को गो-महिमा का अमृतपान कराने के लिए महाराजश्री का वंदन-अभिनंदन किया।

कथा के सफल आयोजन में आयोजन समिति अध्यक्ष सुरेश चंद्र बंसल, संयोजक देवकीनंदन तोदी, सहसंयोजक सुरेंद्र चमडिया, बिमल मल्लावत, राजकमल बांगड़, अनुराग गुप्ता, सहित कमल केडिया, सत्येंद्र अग्रवाल, संदीप तुलस्यान, हर्षवर्धन डागा, प्रदीप जयदेवका, अनेकानेक महिला कार्यकर्ता सक्रिय रहे। कथा के अंत में देवकीनंदन तोदी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र चमडिया ने बतलाया कि आज प्रातः पूज्य महाराज श्री के सानिध्य में “मानव कल्याण का सुगम साधन गौसेवा है” विषय पर एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें महानगर के सुप्रसिद्ध गोभक्त उद्योगपतियों एवं सोसाइटी के समर्पित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महाराजश्री के मुखारबिंद से इस चर्चा के विश्लेषण का अमृतपान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चंडालिया ने किया। गोमाता के सामूहिक जयघोष से गो महिमा कथा को विराम दिया गया।

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