स्पष्टता न्यूज
नयी दिल्लीे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे आंदोलनकारियों ने आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होने की नाकाम कोशिश की। अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस की सख्ती की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए।
पुलिस ने सीजेपी की लीडरशिप अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह ही एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया था। इसके बाद पुलिस ने जंतर-मंतर की तरफ बढ़ रहीं बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को भी हिरासत में लिया। पार्टी ने सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। समर्थकों ने यहां पहुंचने की कोशिश भी की, लेकिन कई जगह 3 से 5 लेयर की बैरिकडिंग की वजह से आगे नहीं बढ़ने दिया। अब तक 7000 लोगों को कस्टडी में लिया गया। 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी दिल्ली में तैनात हैं।
सीजेपी ने मतदाता सूची में गड़बड़ियों और एसआईआर के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। ममता बनर्जी ने शनिवार को हिरासत से छोड़े जाने के बाद दिल्ली के हालात को लेकर कहा कि स्थिति आपातकाल से भी आगे निकल गई है। उन्होंने अपनी हिरासत की तुलना अपहरण जैसी स्थिति से की और कहा कि पहली बार उन्हें जेल वैन में बैठाकर ले जाया गया। ममता बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
6 पुलिसकर्मी घायल, दो जगह पथराव 3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके।
यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।प्रदर्शन के दौरान माकपा नेता पिनराई विजयन को हिरासत में लिया गया। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे मनमाना बताया और उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।
