स्पष्टता न्यूज
नागोया। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत लिया है। भारत ने चीन को फाइनल में 1-0 से हराया। भारत ने इस तरह 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल का सूखा समाप्त किया। इस जीत के साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर लिया है। भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में बढ़त हासिल की और अंत तक इस बढ़त को बनाए रखा। भारत ने ना सिर्फ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि चीन को स्वर्ण का बचाव करने से रोका।
शुरुआत से बनाया दबाव
भारतीय टीम ने चीन के खिलाफ पहले क्वार्टर से दबाव बनाया। बलजीत कौर को छठे मिनट में ग्रीन कार्ड मिला। लेकिन भारत ने चीन पर दबाव बनाया और भारत के लिए 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं लालरेमसियामी ने 10वें मिनट में मैदानी गोल दागा। इस तरह भारत ने शुरुआत में ही 1-0 की बढ़त बनाई। भारत को इसके बाद पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय टीम बढ़त दोगुना करने से चूक गई। हालांकि, पहला क्वार्टर समाप्त होने तक भारतीय टीम बढ़त बनाए रखी। चीन ने दूसरे क्वार्टर में आक्रामक खेल दिखाया और लगातार भारत पर दबाव बनाए रखा। चीन ने तब राहत की सांस ली, जब उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला। चीन के लिए बराबरी हासिल करने के यह शानदार मौका था, लेकिन भारतीय महिला टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने दमदार बचाव कर चीन को बराबरी करने से रोका। इसके बाद भी चीन का आक्रामण जारी रहा, लेकिन भारतीय डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन कर चीन की हर कोशिश को नाकाम किया।
चीन ने आखिरी कुछ मिनटों में रणनीति में बदलाव किया और अपने गोलकीपर को बाहर बैठाया। चीन ने इस तरह अटैकिंग में एक अतिरिक्त खिलाड़ी को उतारा। लेकिन उसकी रणनीति सफल नहीं हुई क्योंकि भारत ने अंत में डिफेंस से ज्यादा अटैकिंग करने पर ध्यान दिया। जैसे ही अंतिम सीटी बजी भारतीय खेमा खुशी से झूम उठा। भारत के लिए लालरेमसियामी का एकमात्र गोल निर्णायक साबित हुआ। भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा और आखिरकार 44 साल का सूखा समाप्त करने में सफल रहा।
