सरकारी पुस्तकालयों में अब विद्यासागर की किताबें रखें, ममता की नहीं : सीएम शुभेंदु

बीरशिंघा को पर्यटन और शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा


सरकार विद्यासागर के आदर्शों पर आगे बढ़ेगी, विरासत का सम्मान

स्पष्टता न्यूज

कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को राज्य के पुस्तकालयों को लेकर बड़ा निर्देश दिया। महान समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर की जयंती पर उनकी जन्मस्थली पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बीरशिंघा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकारी और स्कूल पुस्तकालयों में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कविताओं की पुस्तकें खरीदने के बजाय विद्यासागर की पुस्तकें रखने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यासागर की विरासत बहुत बड़ी है और राज्य सरकार उनके आदर्शों पर आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यासागर बहुत बड़ा खजाना छोड़ गए हैं।


यह सरकार उनके रास्ते पर चलेगी। ममता पर हमला बोलते हुए शुभेंदु ने कहा कि बहुत सारी पुस्तकें हैं, इसलिए अब ‘ईपांग ओपांग झपांग’ नहीं खरीदें। विद्यासागर की पुस्तकें खरीदें और स्कूल पुस्तकालयों को उनसे भरें। ‘ईपांग ओपांग झपांग’ ममता बनर्जी की लिखी कविता है। यह कविता अपनी चंचल और कल्पनाशील शैली के कारण राजनीतिक तथा साहित्यिक हलकों में चर्चा में रही है। इसके साहित्यिक और शैक्षणिक महत्व को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठाए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने जून में सरकारी और सार्वजनिक पुस्तकालयों के पुनर्गठन की घोषणा की थी। इसके तहत ऐसे पुस्तकों को हटाने का प्रस्ताव रखा गया था, जिन्हें शैक्षणिक या बौद्धिक दृष्टि से कम उपयोगी माना गया है। इसी क्रम में ममता बनर्जी की उक्त पुस्तक का नाम भी चर्चा में आया था।

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