विभाजन की पीड़ा बयां कर रहा है संतोष मित्र स्क्वायर पूजा पंडाल

स्पष्टता न्यूज़

कोलकाता। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल, आजादी के संघर्ष की गौरवगाथा और देश के विभाजन की त्रासदी। इन तीनों भावों को समेटे कोलकाता का प्रसिद्ध संतोष मित्र स्क्वायर दुर्गापूजा पंडाल इस बार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पूजा के 91वें वर्ष में पंडाल की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है।

पंडाल का उद्घाटन हो चुका है और पंचमी से ही यहां दर्शन के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। विधायक सजल घोष की परिकल्पना पर आधारित इस थीम में राष्ट्रगीत की विरासत के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया है। आयोजकों की कोशिश है कि पंडाल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र न रहे, बल्कि लोगों को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की याद भी दिलाए।पंडाल का मुख्य प्रवेश द्वार भारत के नक्शे की आकृति में तैयार किया गया है। इसके अग्रभाग पर विभाजन के दौर की वास्तविक तस्वीरों को जगह दी गई है।ये तस्वीरें 1947 के उस भयावह समय की याद दिलाती हैं, जब देश के बंटवारे के कारण लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और विस्थापन की पीड़ा झेलनी पड़ी। पंडाल में लाल किले की झलक भी दिखाई गई है, जो स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की परंपरा और देश के गौरव का प्रतीक है।

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