स्पष्टता न्यूज
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी और विपक्षी इंडिया गठबंधन के घटक दल पिछले करीब एक सप्ताह से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस और उनका गठबंधन वोट चोरी का आरोप लगा एसआईआर और सीईसी ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर एक नैरेटिव बनाने और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ असंतुष्टों की भीड़ जमा करने में कामयाब रही थी।
सोमवार को जब गठबंधन ने बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला तो शनिवार और रविवार को हुए सीजेपी के प्रदर्शनों से अलग तस्वीर सामने आई लेकिन देर शाम होते-होते केरल कांग्रेस ने एक ऐसी गलती कर दी, जिससे कांग्रेस झट से बैकफुट पर आ गई।
दरअसल, हुआ ये कि दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े एक सवाल के जवाब में देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने दिन में कहा था कि ‘यह मेरा मुद्दा नहीं है और इस पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा।’ प्रधान न्यायाधीश विज्ञान भवन में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जब पत्रकारों ने दिल्ली में प्रदर्शनों और आवाजाही पर पाबंदियों के बारे में पूछा तो CJI ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने दो टूक कहा, ”यह मेरा मुद्दा नहीं है।” जब उच्चतम न्यायालय तक विपक्ष के मार्च के बारे में पूछा गया तो सीजेआई ने कहा, ”मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।”
सीजेआई की इसी टिप्पणी से खफा कांग्रेस की केरल यूनिट ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि अगर कानून और व्यवस्था संभालना उनका काम नहीं है, तो वे इस्तीफा दे दें। ट्वीट में साफ-साफ लिखा गया, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था संभालना आपके बस की बात नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दें। हम आपका विकल्प ढूंढ़ लेंगे जो इसे संभाल सके।” कांग्रेस के इस ट्वीट पर हंगामा मच गया। देखते ही देखते भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस पर हमला बोलना शुरू कर दिया।
