ममता को फुटबाल खिलाड़ी, तो ऋतव्रत को मिला लिफाफा
ममता तृणमूल और बगावती कहलायेंगे डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल के दोनों गुटों को नया नाम और नया चुनाव चिन्ह मिल गया है। आज भारतीय निर्वाचन आयोग ने दोनों गुटों के सुझावों के आधार पर नाम और सिंबल का आवंटन कर दिया। अब दोनों पार्टियां उपचुनाव में नई पहचान के साथ उतरेंगी।
ममता बनर्जी गुट ने तीन नामों का विकल्प पेश किया था, इस आधार पर आयोग ने ‘ऑल इंडिया तृणमूल ममता कांग्रेस (एाईटीएमसी) का नाम दिया है। उनका चुनाव चिन्ह फुटबॉल खिलाड़ी होगा। जबकि बागी ऋतव्रत गुट व अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम के साथ लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया है। गुरुवार को विवाद पर सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग ने टीएमसी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया था। गुरुवार को चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों के दावों पर विचार किया था। करीब एक सप्ताह पहले भी आयोग ने ममता बनर्जी गुट और ऋतब्रत बनर्जी से दावों के समर्थन में दस्तावेज देने को कहा था। ऋतब्रत ने दावा किया था कि टीएमसी के संविधान के मुताबिक, ममता बनर्जी का अध्यक्ष पद का कार्यकाल पहले ही खत्म हो चुका था। अब नई कार्यकारिणी ने अरुप रॉय को अध्यक्ष चुना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी टीएमसी के सिंबल और नाम फ्रीज किए जाने पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी वोट लूट के बाद अब पार्टी लूट रही है। यह लड़ाई सिर्फ ममता बनर्जी की नहीं, बल्कि हर वोटर की लड़ाई है, जो निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
ममता ने चुनाव आयोग की आलोचना की
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पार्टी का सिंबल और नाम फ्रीज किए जाने के बाद चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला और इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन करार दिया। वहीं, नंदीग्राम विधानसभा चुनाव से टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन करने का ऐलान किया। ममता बनर्जी ने कहा कि इंडी गठबंधन के प्रति हमारी एकजुटता है। उन्होंने नंदीग्राम में इंडी गठबंधन की कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने की बात कही थी। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मिठाइयां बांटने वाले इस पक्षपाती व्यक्ति के मामले में, सिर्फ यह अंतरिम आदेश ही क्यों आया, जो कि गैर-क़ानूनी है? नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? हम वापसी करेंगे। उपचुनाव की वजह से हमने जवाब दिया है। जब तक मैं इस दुनिया में हूं, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस मेरे साथ रहेगी। मैं इसकी संस्थापक चेयरपर्सन हूं। मैं इसे कभी नहीं छोड़ूंगी।
