धरती के करीब चक्कर लगा रहे हैं 40 हजार एस्टेरॉयड

स्पष्टता न्यूज

नयी दिल्ली। वैज्ञानिकों ने धरती के करीब मौजूद ऐसे 40,000 एस्टेरॉयड की खोज की है, जिनसे पृथ्वी को नुकसान हो सकता है. वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि यह पृथ्वी पर बड़ी तबाही ला सकते हैं. खगोलविदों का मानना है कि इन 40,000 अंतरिक्ष चट्टान में से 2,000 पृथ्वी से टकराकर तबाही ला सकते हैं.


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने कहा कि पृथ्वी का चक्कर लगाने वाले 40,000 एस्टेरॉयड का पता लगाना बहुत अहम है. साथ ही इससे धरती को होने वाले खतरे को पैमान का पता चलता है. विशेषज्ञों का मानना है कि धरती के करीब मौजूद क्षुद्रग्रह कुछ फीट से लेकर कई मील चौड़े हो सकते हैं. यह सभी ऐसे रास्तों (ऑर्बिट) से गुजरते हैं, जो उन्हें पृथ्वी के पास लाते हैं. पृथ्वी के पास लाने वाले ऑर्बिट में चलने और पृथ्वी के पास आने की इनी संभावना से खतरा बढ़ता, जो चिंता बढ़ाती है. एस्टेरॉयड की यही बात वैज्ञानिकों और ग्रहों की सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के लिए अहम है. क्षुद्रग्रह चट्टानी अवशेष हैं और चार अरब साल से भी पहले सौर मंडल के निर्माण के समय से बचे हुए हैं.


ज्यादातर एस्टेरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच मुख्य क्षुद्रग्रह बेल्ट में मौजूद हैं. पृथ्वी के करीब मौजूद एस्टेरॉयड्स के रास्ते उन्हें धरती से 2.8 करोड़ मील की दूरी के अंदर लेकर आते हैं. यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मैनेजर लुका कॉन्वर्सी ने बताया कि खोजे गए एस्टेरॉयड की संख्या तेजी से बढ़ी है. सदी की शुरुआत में इनकी संख्या एक हजार थी, जो 2016 में बढ़कर 15,000 और 2022 में 30,000 तक पहुंच गई.

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