स्पष्टता न्यूज़
नयी दिल्लीब। इस साल अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर कंफ्यूजन है। कुछ ज्योतिषियों का मत है कि अष्टमी तिथि सोमवार को है और इस दिन कन्या पूजन होगा। वहीं कुछ लोगों का मत है कि 19 अक्टूबर को नवमी तिथि है और कन्या पूजन इस दिन होगा, वहीं कुछ का मत है कि 20 अक्टूबर को उदया तिथि में नवमी तिथि है, इसलिए कन्या पूजन और हवन इसी दिन होगा।
ज्योतिर्विद ने बताया कि नवरात्र में रात का महत्व होता है, जैसा कि नाम से समझ आ रहा है। नौ रात 19 अक्टूबर को सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि रहेगी, जो सुबह 10:54 बजे तक है। इसलिए अष्टमी का पूजन और कन्या भोजन 19 अक्टूबर को करना श्रेष्ठ रहेगा। साथ ही पूजन का समय सुबह 6:30 से 7:50 बजे तक, सुबह 9:14 से 10:40 बजे तक, सुबह 10:54 बजे से पहले कन्या पूजन करना उचित रहेगा। नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे शुरू होकर 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे तक रहेगी। 19 में नवमी करें, तो वह 10.51 मिनट के बाद करेंगे।
वहीं 20 अक्टूबर को सूर्योदय से ही नवमी तिथि रहेगी, लेकिन 20 अक्टूबर को कन्या पूजन 12.50 मिनट से पहले ही करना होगा, क्योंकि इसके बाद दशमी तिथि शुरु होगी। अष्टमी का पारण 19 अक्टूबर, सोमवार को पारण होगा। अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर, सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक रहेगी।
